April 21, 2026

बिना वाद्ययंत्र के कमाल: ऋषिकेश में पत्थरों से संगीत रच रहा बालक

गंगा किनारे बसी ऋषिकेश की वादियों में जहां लोग शांति और भक्ति की तलाश में आते हैं, वहीं आजकल एक छोटे से बालक की कला लोगों को रुकने पर मजबूर कर रही है। रामझूला और लक्ष्मण झूला के आसपास के घाटों पर अक्सर दिखने वाला यह बालक कोई साधारण कलाकार नहीं है। इसके पास वाद्ययंत्रों के नाम पर केवल नदी के दो सपाट पत्थर हैं। आमतौर पर जहां संगीत के लिए गिटार, ढोलक या तबले की ज़रूरत होती है, वहीं इस बालक ने पत्थरों के टुकड़ों को ही अपना म्यूजिक सिस्टम बना लिया है। वह इन पत्थरों को बड़ी कुशलता से आपस में टकराकर ऐसी ताल पैदा करता है, जो किसी पेशेवर वाद्ययंत्र से कम नहीं लगती। वीडियो में देखा जा सकता है कि बालक पूरी ऊर्जा और भक्ति भाव के साथ भगवान शिव और मां गंगा के भजन गा रहा है।

उसकी आवाज़ में वही पहाड़ी सुरीलापन है जिसके लिए उत्तराखंड जाना जाता है। पर्यटकों द्वारा बनाए गए इस वीडियो में विदेशी सैलानी भी उसकी कला को देखकर दंग नजर आए है। गंगा घाट की रेतीली चट्टानों पर बैठकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहा यह बालक अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, लोग इसे पहाड़ का असली टैलेंट बता रहे हैं।

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