Recent Posts

September 20, 2026

मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से किया संवाद, अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहजता से उत्तर दिया।

संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण आपने सैनिकों के जीवन और गतिविधियों को नजदीक से देखा है, क्या आपका मन सेना में जाने का नहीं हुआ? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की अपेक्षा अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक के जीवन की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिताजी के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
हिमांशु रौतेला ने प्रश्न किया कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते आप अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होता है तो उसकी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।

ओ.पी. कण्डारी ने पूछा कि जब हम अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी कर वापस आएंगे, उसके बाद सरकार हमारे रोजगार के लिए क्या व्यवस्था कर रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी? मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए। हालांकि राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है तथा दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने जन अपेक्षाओं और प्रदेशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

अमन सेमवाल ने पूछा कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान का क्या राज है? मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखण्ड देश में अग्रणी स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नई गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है। सेना में निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।

Share

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.