उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों की होगी व्यापक जांच, 10 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों में कथित अनियमितताओं और अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गढ़वाल कमिश्नर कार्यालय ने देहरादून सहित सभी जिलाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों में वक्फ संपत्तियों की स्थिति, अतिक्रमण और अन्य संबंधित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने इस संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद गढ़वाल कमिश्नर द्वारा जिलाधिकारियों से वक्फ संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से वक्फ संपत्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और इनके लेखा-जोखा में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
शादाब शम्स ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों द्वारा वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे किए गए हैं या जो वक्फ माफिया के रूप में चिन्हित होंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियां गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए होती हैं, लेकिन कुछ लोगों ने राजनीतिक संरक्षण के चलते इनका दुरुपयोग किया है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग जनहित के कार्यों में करना है। बोर्ड की योजना है कि ऐसी भूमि पर स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और गरीबों के लिए आवास विकसित किए जाएं, ताकि वक्फ संपत्तियों का उपयोग समाज और प्रदेश के व्यापक हित में किया जा सके।
फिलहाल प्रशासन की ओर से सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शादाब शम्स, अध्यक्ष, वक़्फ़ बोर्ड उत्तराखंड।
