पौड़ी बस अड्डे का निरीक्षण, गंदगी पर भड़कीं डीएम; ‘अमृत कक्ष’ का भी किया शुभारंभ
महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल में महिला हितैषी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित बस अड्डे पर बाल विकास विभाग द्वारा निर्मित ‘अमृत कक्ष’ (फीडिंग रूम) का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने बस अड्डे की व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शुभारंभ के दौरान जिलाधिकारी ने अमृत कक्ष का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा इसका उपयोग कर रही एक महिला से बातचीत कर फीडबैक भी प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने एक नन्हीं बच्ची को खिलौना भेंट कर उसका उत्साहवर्धन किया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि धात्री माताओं और शिशुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह कक्ष महिलाओं को यात्रा के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ, निजी और सम्मानजनक वातावरण में अपने शिशुओं को स्तनपान कराने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने इसे सार्वजनिक स्थलों पर मातृत्व के सम्मान और महिला-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने बताया कि बस अड्डे पर महिलाओं एवं किशोरियों की सुविधा के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन भी संचालित की जा रही है। इसके अलावा कलेक्ट्रेट और विकास भवन में भी पिछले दो महीनों से ऐसी मशीनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बस अड्डे के शौचालयों का भी गहन निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, जबकि कुछ शौचालयों में पानी और नलों की व्यवस्था अधूरी पाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित संस्था सुलभ इंटरनेशनल के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने, नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार टोंटियां लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्था के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान शौचालय परिसर में रखी सामग्री भी अव्यवस्थित मिली। जिलाधिकारी ने आवश्यकतानुसार कैबिनेट लगाकर सभी सामान को व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने के निर्देश दिए, ताकि परिसर की स्वच्छता और रखरखाव बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।
बस अड्डे में कई कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त पाई गईं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी टूटी और अनुपयोगी कुर्सियों को तत्काल बदलने तथा यात्रियों के लिए पर्याप्त, गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर की दीवारों पर अनधिकृत पोस्टर और बैनर न लगाने तथा बस अड्डे की स्वच्छ और आकर्षक छवि बनाए रखने पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बस अड्डे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है, इसलिए यहां उपलब्ध सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को बस अड्डे के सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। प्रस्ताव में भवन का रंग-रोगन, फ्लोरिंग, आधुनिक बैठने की व्यवस्था, परिसर का सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक विकास कार्य शामिल करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। जिला प्रशासन सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और महिला-अनुकूल बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं और किशोरियां आती हैं। ऐसे में अमृत कक्ष और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन की सुविधा उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया।
