May 20, 2026

डीएम की बड़ी कार्रवाई: बिल्डर पुनीत अग्रवाल जिला बदर, 6 माह तक देहरादून में प्रवेश पर रोक

देहरादून जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में कथित रूप से आतंक और भय का माहौल बनाने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत पुनीत अग्रवाल को “गुंडा” घोषित करते हुए छह माह के लिए देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

मामले की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक हेम शिखा समेत अन्य लोगों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराने से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल 2026 को पुनीत अग्रवाल ने डीआरडीओ से जुड़े एक परिवार पर आक्रामक और जानलेवा हमला किया। इस मारपीट में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी अभद्रता और गाली-गलौज की गई।

शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को डराने-धमकाने वाला असामाजिक तत्व बताते हुए उसके खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी का व्यवहार क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बना रहा था और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जांच के दौरान थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, स्थानीय निवासियों की शिकायतें और डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका की ओर से दी गई शिकायत को भी गंभीरता से लिया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी की गतिविधियां समाज में डर और अशांति पैदा कर रही हैं तथा समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर कोई गंभीर घटना हो सकती है।

हालांकि बचाव पक्ष ने इसे आपसी रंजिश और सिविल विवाद बताया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, वायरल वीडियो, शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने माना कि पुनीत अग्रवाल अभ्यस्त आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो लोगों को धमकाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने का आदी है।

आदेश के अनुसार पुनीत अग्रवाल अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कारावास और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि आरोपी बिल्डर पर पहले भी दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने, लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों से मारपीट, धमकी, गाली-गलौज तथा अवैध कब्जे जैसे कई आरोप लग चुके हैं। इन मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत पांच एफआईआर भी दर्ज हैं।

जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.