उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूरी के निधन से शोक की लहर।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल(सेवानिवृत्त) भुवन चंद खंडूरी के निधन का समाचार मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है । वह 91 वर्ष के थे एवम लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। देहरादून के मैक्स अस्पताल में रात 11:10 बजे अंतिम सांस ली।
भुवन चंद खंडूरी अपनी सादगी, ईमानदार छवि एवं जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड के विकास एवं सुशासन के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यकाल में कई विकास योजनाओं को गति मिली तथा जनता के हित में अनेक फैसले लिए गए।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा। प्रदेशवासियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खंडूरी जी का योगदान उत्तराखंड के विकास और सुशासन के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। वे एक अनुशासित, कर्मठ और दूरदर्शी नेता थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएग।
