May 26, 2026

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से किया गया सम्मानित

सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित हुए नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए।

इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल हैं।

पद्म पुरस्कार—जो देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं—तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार विभिन्न विषयों/गतिविधियों के क्षेत्रों में दिए जाते हैं, जैसे—कला, समाज सेवा, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा, आदि। ‘पद्म विभूषण’ असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म भूषण’ उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और ‘पद्म श्री’ किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को बाद में आयोजित होने वाले समारोह के दूसरे दौर में सम्मानित किया जाएगा।

श्री भगत सिंह कोश्यारी जिन्हें उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से जाना जाता है। श्री कोश्यारी एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं। जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

17 जून, 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

वर्ष 1997 में श्री कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए।

श्री कोश्यारी को 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया जहां उन्होंने प्रभावी रूप से सेवा की। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा श्री कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.