July 24, 2026

हरिद्वार के सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और डीएम से मांगा जवाब

Highcourt

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार में जिला सत्र न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय, तहसील, एसएसपी कार्यालय समेत विभिन्न सरकारी परिसरों में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और हरिद्वार के जिलाधिकारी से दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि यह बताया जाए कि सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों का अब तक कितना पालन किया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।

यह जनहित याचिका नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट, हरिद्वार के कृष्ण कांत द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने दो बार जिला न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय, तहसील परिसर और अन्य सरकारी कार्यालयों के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश शौचालय या तो उपयोग के लायक नहीं मिले या फिर उन पर ताले लगे हुए पाए गए।

याचिकाकर्ता का कहना है कि शौचालयों की खराब स्थिति के कारण आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त और उपयोग योग्य शौचालय उपलब्ध न होने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो रहे हैं, जो स्वच्छता और गरिमा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2025 में राजीव कलिता बनाम केंद्र सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त एवं सुलभ शौचालय उपलब्ध कराने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा निगरानी के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों का अभाव नागरिकों के समानता के अधिकार को प्रभावित करता है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन निर्देशों का अब तक प्रभावी अनुपालन नहीं किया गया है। उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और हरिद्वार प्रशासन से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

प्रभा नौटियाल, अधिवक्ता हाईकोर्ट

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