प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राम मंदिर ट्रस्ट को राजनीतिक अड्डा बना दिया: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत,
Delhi 09 July 2026,
अयोध्या उत्तर प्रदेश के राम मंदिर चंदा और चढ़ावा चोरी मामले में । कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक और विश्व हिंदू परिषद पर निशाना साधते हुए तीखे सवाल पूछे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यस और प्राण प्रतिष्ठा की है। प्रधानमंत्री मोदी की सहमति से ही ट्रस्ट का गठन हुआ और ट्रस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक और विश्व हिंदू की पृष्ठभूमि वाले लोगों को नियुक्त किया गया। जबकि इसमें धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों को रखा जाना चाहिए था। ऐसे में जब चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है, नरेंद्र मोदी को लोगों को ये बताना चाहिए कि वे इसमें शामिल हैं या नहीं? राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसमें वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते?
कांग्रेस नेता सुरप्रधानमंत्री मोदी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सउकईते, क्योंकि यह ट्रस्ट उन्होंने ही बनाया। इस ट्रस्ट में विशेष ीविचारधारा के लोगों को रखा गया और उन्होंने भाई-भतीजों को नौकरी पर लगवा दिया। चढ़ावा चोरी मामले में मगरमच्छों को बचाने के लिए चंद मछलियों को चारा बना दिया गया। इस पूरे मामले में सुई पीएमओ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जाती है। चंदा और चढ़ावा चोरी मामले में, इन्ह लोगों से भी पूछताछ हो?
कांग्रेस नेता नेताओं ने आगे की ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर क्यों रखा? कि बीजेपी -आरएसएस ने पहले चंदे की चोरी की, जमीन चोरी की और फिर चढ़ावे की चोरी कर ली।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने सवाल उठाया कि, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी का गठन किया गया और इस एसआईटी के हेड विजय विश्वास पंत हैं। विजय विश्वास कभी मध्यांचल वितरण निगम के एमडी हुआ करते थे। लेकिन मजेदार बात है कि इन्हीं विजय विश्वास पर धारा 420 और 465 में एफआइआर दर्ज हो रखी है और ये आरोपी हैं। गबन के आरोपी को भाजपा सरकार ने चढ़ावा चोरी की जांच करने वाली एसआईटी का हेड बना दिया।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया की राम मंदिर निर्माण में 2100 करोड़ रुपए कैसे लग गए? । आज ट्रस्ट दान के आभूषण दिखा रहा है, लेकिन सवाल है- बाकी छोटे-छोटे आभूषण कहां हैं, सिंधी समाज की तरफ से दी गईं 200 किलो चांदी की ईंटें कहां है?। निर्मोही अखाड़े ने मंदिर आंदोलन के समय कहा था कि विश्व हिंदू परिषद के लोग करोड़ों रुपए का चंदा खा गए, वो कहां है? नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राम मंदिर ट्रस्ट को राजनीतिक अड्डा बना दिया और उसमें धर्माचार्यों को नहीं रखा। शायद ट्रस्ट में धर्माचार्यों को इसलिए भी नहीं रखा गया, क्योंकि इन्हें लूट करनी थी?
