तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव और करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है: मुख्यमंत्री धामी,
Uttrakhand 09 August 2026,
“हर घर तिरंगा अभियान” के तहत आज से 17 अगस्त तक तिरंगा रैली, रंगोली कार्यक्रम, तिरंगा प्रदर्शनी , देश भक्ति के विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। आज गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखने का आह्वान किया। श्री धामी गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में चले।
मुख्यमंत्री ने घंटाघर स्थित उत्तराखण्ड आन्दोलन के महान नायक स्व. श्री इन्द्रमणी बडोनी एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा, करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी कोई आंच नहीं आने दी। हमारा संकल्प है कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति, स्वदेशी तकनीक से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। आज हम दुनिया को अनेकों क्षेत्र में नई दिशा दिखा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। देश, रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं। हर दूसरे परिवार का बेटा सीमा पर रक्षा के लिए तैनात रहता है। राज्य सरकार अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य में विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ चुकी है, पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 फीसदी की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। राज्य में रिवर्स पलायन में 44 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून, देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया है। प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त किया है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बिना किसी धांधली के पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
