June 24, 2026

कन्नूर हेलिकॉप्टर क्रैश के अकेले उत्तरजीवी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का निधन।

बेंगलुरु: तमिलनाडु के हेलिकॉप्टर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के अकेले जीवित बचे, जिनका बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में इलाज चल रहा था, का बुधवार को निधन हो गया।

भारतीय वायुसेना को बहादुर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की सूचना देते हुए गहरा दुख हुआ है, जिनकी आज सुबह 08 दिसंबर 21 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में घायल होने के कारण मृत्यु हो गई। भारतीय वायुसेना गहरी संवेदना व्यक्त करती है और शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

हालांकि मंगलवार को उनकी हालत स्थिर थी, लेकिन उनकी मेडिकल स्थिति गंभीर बताई गई।
सिंह 8 दिसंबर को कुन्नूर के पास भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें भारत के पहले सीडीएस, उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी, और 9 दिसंबर को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सहायता के लिए वेलिंगटन से बेंगलुरु ले जाया गया था।

ग्रुप कैप्टन को उनकी असाधारण वीरता के लिए हाल ही में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उन्हें शौर्य चक्र तेजस लाइट एयर कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को बीच हवा में खराबी आने पर दुर्घटना ग्रस्त होने से बचाने के लिए दिया गया था।

उन्होंने हरियाणा के चंडीमंदिर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की थी। 18 सितंबर को वरुण सिंह ने चंडीमंदिर स्कूल के प्रिंसिपल को एक पत्र लिखा था। छात्रों के नाम संदेश में उन्होंने कहा था कि किसी भी छात्र का औसत दर्जे का होना ठीक है, लेकिन यह किसी भी तरह से उसके सामर्थ और उसके जीवन में आने वाली चीजों का पैमाना नहीं हो सकता।

उन्होंने छात्रों से कहा था कि आप जो भी काम करें उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ दें और उम्मीद न हारें। औसत दर्जे का होने में कोई बुराई नहीं है। परीक्षा में सभी 90% नंबर नहीं ला सकते। अगर आप औसत दर्जे के हैं तो यह नहीं समझे कि जीवन भर औसत ही रहेंगे।

वरुण सिंह ने अपना उदाहरण देते हुए छात्रों से कहा था कि मैं औसत छात्र था। बहुत मुश्किल से 12वीं में फस्ट क्लास डिवीजन से पास हुआ। मुझे उड़ना पसंद था। आप अपने मन की सुनिए। कला, संगीत, साहित्य, ग्राफिक डिजाइन या कुछ और जो भी अपको पसंद हो करिए और उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए।

बता दें कि बुधवार को कन्नूर में हुए हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार 14 में से 13 लोगों की मौत हो गई थी। हेलिकॉप्टर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत मधुलिका रावत और अन्य अधिकारी सवार थे। हेलिकॉप्टर में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जनरल रावत की वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज की यात्रा के लिए संपर्क अधिकारी के तौर पर मौजूद थे। वह फिलहाल इसी कॉलेज में इंस्ट्रक्टर के रूप में कार्यरत थे।

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