April 20, 2026

संसद में महिला आरक्षण विधेयक को गिराना टीएमसी और कांग्रेस की सोची समझी चाल है: प्रधानप्रधानमंत्री मोदी,

West Bengal, 19 April 2026,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज पश्चिम बंगाल के बांकुरा(बिष्णुपुर) में एक बड़ी चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल टीएमसी और कांग्रेस सहित समूचे विपक्षी पार्टियों पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर, संसद में ‘महिला आरक्षण विधेयक’ (संविधान 131वां संशोधन विधेयक, 2026) को गिराने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधन को उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं के साथ टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्वासघात किया है। श्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को निर्मम बताया और कहा कि, इस विशाल जनसभा में जो जनसमर्थन दिख रहा है, वह सरकार के खिलाफ गुस्से का संकेत है। महिला आरक्षण का जिक्र कर पीएम मोदी ने कहा महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की लंबे समय से मांग थी, जिसे सरकार ने पूरा किया लेकिन टीएमसी और कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाएं अधिक संख्या में विधायक और सांसद बने क्योंकि यहां पर महिलाएं उनके जंगलराज को चुनौती दे रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की महिलाएं इस “विश्वासघात” का बदला विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हराकर लेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगर यहां पर बीजेपी की सरकार बनी तो महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा और अगर परिवार में किसी को किडनी की बीमारी है तो उन्हें मुफ्त डायलिसिस मिलेगा और एक भी रुपये का खर्च नहीं आएगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि बंगाल की बहनों को हर साल 36 हजार रुपये मिलेंगे और गर्भवती महिलाओं को 21 हजार और बेटियों की पढ़ाई के लिए 5 हजार रुपये मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पलटवार

प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने देश को ईमानदारी से संबोधित करने के बजाय गुमराह करना चुना। तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए ज़्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वकालत की है। संसद और राज्य विधानसभा, दोनों में हमारे चुने हुए महिला प्रतिनिधियों का अनुपात सबसे ज़्यादा है। लोकसभा में हमारे चुने हुए सदस्यों में से करीब 38 फीसदी महिलाएं हैं। राज्यसभा में हमने करीब 46 फीसदी महिला सदस्यों को नामित किया है। महिला आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता और न कभी उठा है।

ममता बनर्जी ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान में बदलाव कर, इस देश का विभाजन, और ‘जेरीमैंडरिंग’ (चुनावी क्षेत्रों की मनमानी सीमाबंदी) के ज़रिए सत्ता पर कब्ज़ा करना चाहती है। ममता बनर्जी ने इसे संघीय लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि हम इसे चुपचाप होते हुए नहीं देख सकते हैं।

 

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