अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो बोले:दुनिया के कई देशों के साथ अमेरिका टैक्टिकल लेवल पर काम करता है, लेकिन भारत उसके सबसे अहम रणनीतिक साझेदारों में शामिल
Delhi 24 May 2026,
दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि दुनिया के कई देशों के साथ अमेरिका टैक्टिकल लेवल पर काम करता है, लेकिन भारत उसके सबसे अहम रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो साफ कर दिया कि यूनाइटेड स्टेट्स के पाकिस्तान के साथ रिश्ते, भारत के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की कीमत पर नहीं हैं।
उन्होंने भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत और लगातार आगे बढ़ता हुआ बताया। साथ ही ट्रेड डील और ग्लोबल मुद्दों पर दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी का भी जिक्र किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से जब पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों को कथित सैन्य समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया तो रुबियो ने सीधे आरोपों पर बात करने से बचते हुए बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया के कई देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर काम करता है और यह सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि किसी भी देश के साथ रिश्ते भारत के साथ अमेरिका की अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को कमजोर नहीं कर सकते। इस बयान को भारत के लिए एक मजबूत कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।
मार्को रूबियो ने कहा कि भारत सिर्फ एक सहयोगी देश नहीं बल्कि अमेरिका के सबसे अहम स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स में से एक है। उनके मुताबिक दोनों देशों के हित कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर एक जैसे हैं और इसी वजह से दोनों साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने रक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यापार और इंडो-पैसिफिक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारतीय को दिया ‘रिटर्न गिफ्ट’,चंचंचंणंरूबियो ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को दोबारा “रीसेट” करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले से मजबूत हैं और उनमें किसी तरह की ठंडक नहीं आई है। उनके मुताबिक पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ा है और अब साझेदारी पहले से ज्यादा गहरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह संबंध और तेज़ी से आगे बढ़ेंगे।
ट्रेड डील को लेकर भी जताई उम्मीद!
अमेरिकी विदेश मंत्री ने लंबे समय से अटकी हुई बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट यानी बीटीए पर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि यह समझौता जल्द हो जाएगा। रुबियो के मुताबिक व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सिर्फ रणनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक साझेदारी को भी तेजी से मजबूत कर रहे हैं। यही वजह है कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं।
