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September 21, 2026

फ्रांस में जी-7 में मोदी ने सतत विकास पर विशेष बल दिया : कहा इस मंच से निकलने वाला संदेश पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।

Delhi 17 Jun 2026,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी-7 को संबोधित किया। इसमें जी-7 सदस्‍य देश, सहभागी देश, अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष तथा आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के प्रतिनधियों ने भाग लिया। श्री मोदी ने सतत विकास पर विशेष बल दिया गया है। ऐसे समय में जब विश्व अनेक अनिश्चितताओं से गुज़र रहा है, इस मंच से निकलने वाला संदेश पूरी मानवता के लिए महत्व रखता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज विकास का प्रश्न केवल सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी या ट्रेड नंबर का प्रश्न नहीं है? असली प्रश्न यह है कि विकास किसके लिए है? किसके साथ है, और किस दिशा में है? उन्‍होंने अफ्रीका, लातिन अमरीका और प्रशांत द्वीप देशों को जोडने वाली संपर्क परियोजनाओं का भी प्रस्‍ताव रखा। श्री मोदी ने संपर्क और व्‍यापार में तेजी लाने के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय आवागमन भागीदारी तैयार करने का भी सुझाव दिया। इसके अंतर्गत जी-7 देशों की पूंजी, भारतीय प्रतिभाओं और ग्‍लोबल साउथ के देशों को एकसाथ लाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि ठोस वृद्धि से समावेशन और लोगों के कल्‍याण को मजूबती मिलती है‍।

यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक:-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुई पारस्परिक यात्राओं के बाद से भारत-यूके संबंधों में आई मजबूत गति की समीक्षा की और ‘विजन 2035’ के सभी प्रमुख स्तंभों—व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई एवं ग्रीन एनर्जी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा शिक्षा एवं लोगों के आपसी संबंधों—में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शीघ्र लागू होने की आशा व्यक्त की। उन्होंने मजबूत शिक्षा साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया और बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा अपना कैंपस स्थापित करने तथा मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खोलने के लिए हाल ही में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात:-

शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से 2026 में दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी मुलाकात थी, जो भारत-यूएई की मजबूत और जीवंत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है। दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति तथा सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संवाद, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट से निरंतर निर्बाध, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जारी रखने का आह्वान किया।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात:-

प्रधानमंत्री मोदी ने आज एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। जनवरी 2026 में भारत में आयोजित ऐतिहासिक 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का स्मरण करते हुए नेताओं ने तब से भारत-यूरोपीय संघ द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति का स्वागत किया। नेताओं ने हाल में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हुई वार्ता के सफल समापन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया तथा इस पर शीघ्र हस्ताक्षर और इसके त्वरित कार्यान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार एवं निवेश के लिए व्यापक अवसर खुलेंगे तथा विशेषकर वर्तमान अशांत भू-राजनीतिक परिस्थितियों में आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के साथ-साथ खुली बाजार अर्थव्यवस्थाओं और बहुलतावादी समाजों के रूप में भारत और यूरोपीय संघ के संबंध आपसी विश्वास, साझा मूल्यों तथा भविष्य के लिए समान विज़न पर आधारित हैं।

 

पारस्परिक हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए नेताओं ने पश्चिम एशिया में हुए हालिया घटनाक्रमों का स्वागत किया। उन्होंने शांति एवं स्थिरता, समृद्धि तथा सतत् विकास को बढ़ावा देने वाली एक सुदृढ़ बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

जर्मनी गणराज्य के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात की:-

जर्मनी गणराज्य के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और प्रधानमंत्री मोदी दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सम्‍बंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में आई नई गति पर संतोष व्यक्त किया। साझेदारी में यह गति चांसलर की भारत यात्रा की सफलता और इस वर्ष की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के सफल समापन से और भी सुदृढ़ हुई है। 2026 में भारत और जर्मनी राजनयिक सम्‍बंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रतिरक्षा तथा सुरक्षा, हरित और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा तथा गतिशीलता सहित विभिन्न सेक्‍टरों में सहयोग को और सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पारगमन वीजा छूट के प्रचालनगत होने का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते का भी स्वागत किया।

 

 

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