June 24, 2026

पाखरो रेंज घोटाला…तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट

पाखरो रेंज घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तत्कालीन दो डीएफओ और दो रेंजरों के खिलाफ स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इनमें सेवानिवृत्त डीएफओ किशनचंद, सेवानिवृत्त रेंजर बृजबिहारी शर्मा, तत्कालीन डीएफओ अभिषेक तिवारी और रेंजर मथुरा सिंह मावदी को आरोपी बनाया गया है। इससे पहले ईडी इस मामले में आरोपियों की 1.75 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुका है।

ईडी की ओर जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश से मुकदमा सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने 11 अक्तूबर 2023 को मुकदमा दर्ज किया और इसी वर्ष आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी। इन सबके आधार पर ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि इन सभी अधिकारियों ने आपस में मिलीभगत कर अवैध निर्माण के बाद आए धन का मनी लॉन्ड्रिंग में भी प्रयोग किया।

 

करीब एक साल तक चली जांच के बाद अब इन सभी तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ ईडी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। ईडी की ओर से कहा गया कि इसी महीने 1.75 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया था। यह संपत्ति बृजबिहारी शर्मा की पत्नी और किशनचंद के बेटों अभिषेक कुमार सिंह और युगेंद्र कुमार सिंह से संबंधित थी।
ये है मामला
विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी बननी थी। वर्ष 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना वित्तीय स्वीकृति के शुरू कर दिया गया। पेड़ काटने व अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था जिसमें अनियमितताएं सामने आईं। शिकायत हुई और विजिलेंस ने इसकी जांच शुरू की। इसके बाद वर्ष 2022 में विजिलेंस ने पूर्व डीएफओ किशनचंद और रेंजर बृज बिहारी शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि पार्क के कालागढ़ डिवीजन की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर 215 करोड़ रुपये बरबाद कर दिए गए।

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