June 24, 2026

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून-2025 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग संबंधी दो याचिकाओं पर हुई सुनवाई,

Delhi , 27 May 2025,

सुप्रीम कोर्ट में आज वक्फ कानून-2025 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इन दोनों याचिकाओं पर अलग से सुनवाई करने के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से एक आदेश मौजूद है। आप इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन दायर कर सकते हैं। कोर्ट ने वक्फ कानून 1995 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली पारुल खेड़ा की याचिका के साथ दूसरी अन्य याचिकाओं को भी जोड़ दिया। याचिकाकर्ता के वकील अश्विनी उपाध्याय ने दलील दी कि हमारा मामला उन अर्जियों से अलग है क्योंकि कोर्ट ने पहले ही 1995 के संशोधित वक्फ अधिनियम को चुनौती देने वाला मामला अलग कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि हम 1995 के अधिनियम को देरी के आधार पर खारिज क्यों न करें? 1995 के अधिनियम को 2025 में चुनौती देने का क्या औचित्य है?

एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की गुजारिश पर कोर्ट ने कहा कि इस नई अर्जी को वक़्फ क़ानून को लेकर पहले से पेंडिंग केस में इंटरवेंशन एप्लीकेशन (हस्तक्षेप याचिका) के तौर पर सुना जाएगा। ये याचिका पारुल खेड़ा और हरिशंकर जैन की याचिका के साथ जोड़ दी गई है।

पारुल खेड़ा और हरिशंकर जैन की याचिकाओं में अनुरोध किया गया कि, 1995 के वक्फ कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट भेज दिया था लेकिन अब 2025 के वक्फ कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यहां सुनवाई हो रही है लिहाजा या तो उनकी याचिकाएं भी सुप्रीम कोर्ट सुने या फिर इनको भी पहले हाईकोर्ट भेजा जाए। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ये तो एक आदेश है, उसके जरिए ही ये मामला अलग किया गया था। इसपर कोर्ट ने कहा कि फिर तो हमें उस याचिका को भी बुलाना चाहिए और उसे भी देरी के आधार पर खारिज कर देना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय से कहा कि कोर्ट की सहायता के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति अनिवार्य है। क्योंकि एसपीजी के बिना आदेश पारित नहीं किया जा सकता। मुख्य मामले के संदर्भ में एक याचिकाकर्ता ने अपनी हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने के लिए पिछली याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी तो कोर्ट ने स्वीकृति दे दी। वक़्फ क़ानून 1995 के विभिन्न प्रावधानों को रद्द करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि, हमने वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुनवाई कर आदेश सुरक्षित रखा है। और आप 1995 के कानून को अब चुनौती दे रहे है।

Share

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.