पितृ पक्ष में बदरीनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, विदेशी श्रद्धालुओं ने भी किया पिंडदान-तर्पण
भू-बैकुंठ नगरी बदरीनाथ धाम में पितृ पक्ष के पावन अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भगवान बदरी विशाल के दर्शन के साथ बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ब्रह्म कपाल तीर्थ पहुंचकर अपने पितरों की आत्मशांति और मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान एवं तर्पण कर रहे हैं। पितृ पक्ष के चलते ब्रह्म कपाल में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन हो रहा है।
इसी क्रम में रूस और मॉस्को से पहुंचे विदेशी श्रद्धालुओं ने भी बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धालु ब्रह्म कपाल तीर्थ पहुंचे और यहां पितरों के निमित्त किए जा रहे पिंडदान एवं तर्पण की विधि को समझा। भारतीय संस्कृति और परंपराओं से प्रभावित होकर उन्होंने भी अपने पूर्वजों एवं दिवंगत रिश्तेदारों की आत्मशांति के लिए विधि-विधान के साथ पिंडदान और तर्पण किया।
विदेशी श्रद्धालुओं ने बताया कि ब्रह्म कपाल तीर्थ उन्हें किसी स्वर्ग से कम नहीं लगा। यहां पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और यहां की धार्मिक परंपराएं उन्हें बेहद प्रभावित कर रही हैं।
कई विदेशी श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों और दिवंगत रिश्तेदारों की मुक्ति की कामना से भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार पिंडदान-तर्पण किया। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और आध्यात्मिक रहा।
पितृ पक्ष के दौरान बदरीनाथ धाम में देशी श्रद्धालुओं के साथ विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आस्था यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति वैश्विक आकर्षण को भी दर्शा रही है। ब्रह्म कपाल में लगातार हो रहे पिंडदान और तर्पण से पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में सराबोर नजर आ रहा है।