पाबो के दूरस्थ गांवों में पैदल पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत, ग्रामीणों से सुनी समस्याएं
कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को विकासखंड पाबो के विभिन्न दूरस्थ गांवों का पैदल जनसंपर्क कर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने जितोली, सांकरसैंण और चिपलघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
जितोली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन-मिलन सेवा’ कार्यक्रम में डॉ. धन सिंह रावत ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कार निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना जरूरी है। डॉ. रावत ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके बाद डॉ. रावत ने सेवा संकल्प अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज सांकरसैंण में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा और उनके विचारों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा और विचारों को सामने रखने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। नई पीढ़ी के सपनों को अवसर और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देना ही सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य है।
चिपलघाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में डॉ. रावत ने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव सुने। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. रावत ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत कर उन्हें मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. धन सिंह रावत ने विकासखंड पाबो में निर्माणाधीन खुण्डेश्वर स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्टेडियम का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता निखारने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।